आध्यात्माची आवश्यकता



                                                            आध्यात्माची आवश्यकता

            परमेश्वरावर श्रध्दा ठेवून, स्वत:च्या मनावर ताबा ठेवून, क्षणिक शारीरीक सुखाचा त्याग करून कामवासनेचा नाश आणि आध्यात्मिक सेवेचा प्रकाश नित्य मनात असावा. कधीही यशाला भारावून जाता अथवा अपयशाला डळमळता, यशाच्या सर्वोच्च ठिकाणी विराजमान होऊन पुन्हा कधीही अपयश येण्यासाठी उठता-बसता, जागता-झोपता,

भगवत् नामातून - मुक्तीकडे



भगवत् नामातून - मुक्तीकडे


नाम संकीर्तन साधन पै सोपे । जळतील पापे जन्मांतरीची ।
लगे सायास जावे वनातंरा । सुखी येती घरा नारायणा ॥धृ॥
ठाईच बैसोनी करा एक चित्त । आवडी अनंत आळवावा ॥१॥
रामकृष्ण हरी विठ्ठल केशवा । मंत्र हा जपावा सर्व काळ ॥२॥
तुका म्हणे सोपे आहे सर्वाहूनी । शहाणा तो धनी येतो तेथे ॥३॥

स्वदेशी ज्ञानपीठ

 स्वदेशी ज्ञानपीठ 
आपको देगा प्राचीन भारतीय वैदिक ज्ञान, आयुर्वेदिक, योग-प्राणायाम, भारतीय संस्कृती ज्ञान.
 स्वदेशी, प्राचीन भारतीय ज्ञान भंडार के सैकड़ों द्वारा मिल जाएगा। सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्कृति, आयुर्वेदिक ज्ञान, योग, प्राणायाम, वैदिक ज्ञान, आदि 

भारत माता को शक्तीशाली बनाना और विदेशी चंगूल से मुक्त कराना तथा विश्वभर भारत का झंडा लहराना वो भी आध्यात्मिकता के आधार पर !

स्वदेशी ज्ञानपीठ लोगो

मृत्युंजय सावरकर जी का जीवन चरित्र


महामना लोकोत्तरदृष्टा विनायक दामोदर सावरकर जी का जीवन चरित्र


महान वीर सावरकर के बारे में –
वीर सावरकर के प्रथम कीर्तिमान :
1. वीर सावरकर पहले क्रांतिकारी देशभक्त थे
जिन्होंने 1901 में ब्रिटेन की रानी
विक्टोरिया की मृत्यु पर नासिक में शोक सभा
का विरोध किया और कहा कि वो हमारे शत्रु
देश की रानी थी, हम शोक क्यूँ करें? क्या
किसी भारतीय महापुरुष के निधन पर ब्रिटेन में
शोक सभा हुई है?